गुजरात में बिजली बिल पर 3.99% अतिरिक्त शुल्क: कांग्रेस ने हिसाब माँगा
गुजरात कांग्रेस ने माँग की है कि सरकार और बिजली कंपनियाँ बताएँ कि नया 3.99% ईंधन अधिभार कैसे गिना जाता है। कांग्रेस का कहना है कि सितंबर के बिलों में जुलाई और अगस्त का बकाया जोड़ा गया है।

गुजरात में ज़्यादातर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अब ज़्यादा ईंधन अधिभार लग रहा है, और गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार और बिजली वितरण कंपनियों से इसकी गणना समझाने की माँग की है।
बिजली बिल में क्या बदला
यह शुल्क फ़्यूल एंड पावर परचेज़ एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) है। गुजरात समाचार के अनुसार अप्रैल से जून 2026 तक बेस FPPAS ₹2.30 प्रति यूनिट था। 1 जुलाई 2026 से यह ₹2.45 हो गया और 3.99% परिवर्तनीय अधिभार जोड़ा गया।
The Blunt Times के अनुसार बिजली बिल औसतन लगभग 40 से 45 पैसे प्रति यूनिट बढ़ता है; हर महीने 300 यूनिट इस्तेमाल करने वाले घर को लगभग ₹125 ज़्यादा देने होंगे। घर, दुकानें, दफ़्तर और कारखाने प्रभावित हैं; कृषि कनेक्शनों को छूट है।
कांग्रेस की माँग
शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने कहा कि नई दर 1 जुलाई से लागू होने के कारण सितंबर के बिजली बिल में जुलाई और अगस्त का बकाया जोड़ा गया है। उन्होंने ₹2.45 के ऊपर 3.99% शुल्क लगाने पर सवाल उठाया।
दोशी ने गणना का आधार और बिजली उत्पादन व खरीद लागत का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने तथा हर शुल्क दिखाने वाले विस्तृत बिल की माँग की।
आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
रिपोर्टों में राज्य सरकार या बिजली कंपनियों की प्रतिक्रिया नहीं है। सरकार या बिजली कंपनियों की प्रतिक्रिया आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।


