संपादकीय नीति
यह नीति लोक सामना न्यूज़ के लेखों, सुर्खियों, तस्वीरों, वीडियो और सोशल पोस्ट पर लागू होती है।
- जहाँ संभव हो, मूल दस्तावेज़, आधिकारिक घोषणा, अदालत का आदेश, सार्वजनिक डेटा या नामित प्रत्यक्ष स्रोत से पुष्टि करें।
- महत्वपूर्ण दावों की स्वतंत्र पुष्टि करने का प्रयास करें। कई वेबसाइटों पर एक ही अपुष्ट स्रोत की खबर दोहराई गई हो, तो वह स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
- नाम, तारीख, स्थान, आँकड़े, उद्धरण, पद और अनुवाद जाँचें।
- स्रोत का URL, प्रकाशन तारीख, जाँच की तारीख और वह किस दावे का समर्थन करता है, दर्ज करें।
- गायब विवरण, काल्पनिक उद्धरण, आँकड़े, कानूनी निष्कर्ष या आधिकारिक जवाब न गढ़ें। अधूरी जानकारी को आंतरिक रूप से दर्ज कर प्रकाशन से पहले सुलझाएँ।
- अपुष्ट दावे को स्पष्ट रूप से स्रोत के हवाले से लिखें; आरोप को सिद्ध तथ्य के रूप में न लिखें।
- गंभीर आरोप पर प्रकाशन से पहले संबंधित व्यक्ति/संस्था से जवाब माँगें। जवाब न मिले तो संपर्क का समय और तरीका दर्ज करें।
- दूसरे समाचार माध्यम की खबर कॉपी न करें या केवल अनुवाद करके उसे अपनी मूल रिपोर्टिंग के रूप में पेश न करें।
- केवल अपनी, लाइसेंस प्राप्त या कानूनी रूप से उपयोग योग्य तस्वीरें/वीडियो इस्तेमाल करें और आवश्यक क्रेडिट दें। AI से बनाई या बदली सामग्री को असली प्रमाण के रूप में न दिखाएँ।
- शीर्षक उपलब्ध प्रमाण से आगे न जाए। विज्ञापन, प्रायोजित सामग्री और राय को स्पष्ट रूप से अलग दिखाएँ।
- बच्चों, अपराध के पीड़ितों, गवाहों, यौन अपराध के पीड़ितों और अन्य संवेदनशील लोगों की पहचान प्रकाशित करने से पहले कानून और सार्वजनिक हित पर विचार करें।
- आत्महत्या, हिंसा, सामुदायिक तनाव या त्रासदी को सनसनीखेज़ तरीके से पेश न करें; अनावश्यक ग्राफ़िक विवरण से बचें।
- AI उपकरण शोध या ड्राफ़्ट बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन हर तथ्य को स्रोत से मानव संपादक द्वारा जाँचना आवश्यक है।
- अंग्रेज़ी, गुजराती और हिंदी संस्करणों में तथ्य और अनिश्चितता का स्तर समान होना चाहिए। CMS पर डालने से पहले गुजराती और हिंदी की मानव प्रूफ़रीडिंग कराएँ।